उज्जैन में मंगल दोष पूजा कैसे होती है? — पूरी विधि और प्रक्रिया

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल दोष निवारण के लिए सबसे पवित्र और प्रसिद्ध स्थान है। यहां पर विशेष विधि-विधान से पूजा कराने से मंगल ग्रह की अशुभ स्थिति का प्रभाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया।

पूजा से पहले की तैयारी

  • पंडित जी से संपर्क कर शुभ तिथि और मुहूर्त निर्धारित करवाएं
  • पूजा वाले दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र पहनें
  • मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखें
  • पूजा सामग्री की संपूर्ण व्यवस्था पंडित जी की ओर से की जाती है

पूजा विधि — चरण दर चरण

  • मंगलनाथ मंदिर में भगवान मंगल का षोडशोपचार पूजन किया जाता है
  • मंगल स्तोत्र और मंगल कवच का पाठ किया जाता है
  • लाल पुष्प, लाल वस्त्र, मसूर दाल, गुड़ और तिल का नैवेद्य अर्पित किया जाता है
  • हवन कुंड में आहुतियां दी जाती हैं और मंगल मंत्रों का जाप होता है
  • अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजा संपन्न होती है

पूजा की अवधि

सामान्यतः मंगल दोष पूजा 2 से 4 घंटे तक चलती है। यदि अधिक विस्तृत अनुष्ठान करवाना हो तो पंडित जी से पहले ही चर्चा करें।

पूजा का सर्वोत्तम समय

मंगलवार का दिन मंगल दोष पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा पंचांग में विशेष मंगल मुहूर्त देखकर भी पूजा की जा सकती है। पंडित जी आपको आपकी कुंडली के अनुसार सबसे उचित तिथि और समय बताएंगे।

ऑनलाइन पूजा की सुविधा

यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो पंडित कार्तिक पांडे जी आपकी ओर से पूजा संपन्न कर सकते हैं और पूजा की पूरी प्रक्रिया आप वीडियो कॉल के माध्यम से देख सकते हैं। इसके लिए अभी WhatsApp पर संपर्क करें।

 

यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो घबराएं नहीं। पंडित कार्तिक पांडे जी के मार्गदर्शन में मंगलनाथ मंदिर में पूजा करवाएं और जीवन में सुख-शांति का अनुभव करें। आज ही संपर्क करें।